चलो री सखी आज मिलेगे भगवान
भोले दानी है सरकार, सब के भरते हैं भंडार।
सज के चली राधा प्यारी अरे राधा प्यारी,
शरण तेरी आया है,
दास घबराया है,
राम घर आया शबरी,
करे है बधावना,
जब जब देखु दादी तुमको आता है ये ख्याल क्यों,
भरोसे हम तो बाबा के,
जो होगा देखा जाएगा
सपना में देख्यो रे म्हाने,
श्याम धणी दातार,
मेला मेला मेला मेरे भोलेनाथ दा मेला।
फूल तुम्हें श्रद्धा के अर्पण हे शिव शंकर त्रिपुरारी।
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