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शिव भजन लिरिक्सshiv bhajan lyrics

Phool tumhe shradha ke arpan,he shiv shankar tripurari,फूल तुम्हें श्रद्धा के अर्पण हे शिव शंकर त्रिपुरारी,shiv bhajan

फूल तुम्हें श्रद्धा के अर्पण हे शिव शंकर त्रिपुरारी।

तर्ज,फूल तुम्हे भेजा

फूल तुम्हें श्रद्धा के अर्पण हे शिव शंकर त्रिपुरारी। नमन करो स्वीकार हमारा, हे शिव भोले भंडारी।

प्यार तुम्हारा पाने को हम कर आए गंगाधरी। भव ने नैया डोल रही थी,तुम बन गए खेवनहारी।🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺फूल तुम्हें श्रद्धा के अर्पण हे शिव शंकर त्रिपुरारी। नमन करो स्वीकार हमारा, हे शिव भोले भंडारी।

जैसे जटाओं में धारी थी,तुमने गंगा की धारा।वैसे ही मेरा हाथ पकड़ना,ना भटकूं मारा मारा। हम याचक है तुम हो दाता झोली हमारी भर देना। 🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺दुःख संकट जीवन से हमारे, हे त्रिपुरारी हर लेना।फूल तुम्हें श्रद्धा के अर्पण हे शिव शंकर त्रिपुरारी। नमन करो स्वीकार हमारा, हे शिव भोले भंडारी।

तुमने हलाहल पीकर भोले इस सृष्टि को तारा हैब्रह्मा विष्णु सबने मनाए,सबने किया जयकारा है।🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺एक लोटा जल तुम पे चढ़ाएं,चंदन तिलक लगाता है।भोग के सारे सुख वो प्राणी, अंत वैकुंठ को जाता है।🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺फूल तुम्हें श्रद्धा के अर्पण हे शिव शंकर त्रिपुरारी। नमन करो स्वीकार हमारा, हे शिव भोले भंडारी।

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