टेढ़ो टेढ़ो देखे रे,
साँविरया म्हारी ओर जी,
राम जपले रे सिया राम जपले,
म्हारा बालाजी ने दाय घणो आवे रे,
ओ सिर पे पंख मोर
बोले तोतले से बोल,
कहे इसे माखन चोर मेरे दिल में भावे से,
में तो गोपाल गोपाल गाती रहूं।अपने प्यारे मोहन को बुलाती रहूं।
बिगड़े बनाने सब काम आयेंगे,राम राम जपो हनुमान आयेंगे।
देखो प्यारे श्याम का ये दरबार है,
हर भगतो का होता बेडा पार है,
जब अटके तेरा कोई काम, तु जपले हनुमान का नाम, काम बने चुटकी में,
तेरे दरबार में सर झुकाती रहूं ।
तू बुलाता रहे और मैं आती रहूं।।
थारी काया रो गुलाबी रंग उड़ जासी ।
द्रोपदी सभा में बारम्बार पुकारे
आओ नाथ हमारे तुम्हे टेर रही।
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