जब याद तुम्हारी आती है
मेरे दिल को बहुत सताती है
आ जाओ अब तो गिरधारी,
रास रचाने कुंजन में,
मैं कैसे उतरू पार नदिया अघम बहे।
जय श्रीराम जय श्रीराम, जय श्री राम जपे हनुमान।
सेवा में गुजरे,
वक्त हनुमान का,
ऐसा है सेवक श्री राम का,
श्री राम का,
प्रभु राम का बनके दीवाना,
छमाछम नाचे वीर हनुमाना,
जब मैंने भजन लगाया मां छम छम नाचे।
श्याम चाहे वही जो होना है। मेरा श्याम सलोना है।
शिव भोले नाथ प्रभु कैलाश पर तप करते।
नजदीक मेरे आने में आफत घबराती है,
मेरे सर पर श्यामधणी की मोरछड़ी लहराती है ,
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