मैने तेरे भरोसे गुरुदेव सागर में नैया डार दई।
जटा में तेरे गंगा माथे पे तेरे चंदा, बोल भोले बोल दर्शन होगा कि नही।
गुरुकुल में पढ़ने जब आया साँवरा,
बस्ते में बाँसुरी ले आया सांवरा,
हरी ने हिये न धारा रे ,
नीलमणि ब्रजराज सांवरा
ब्रज की सबसे सुन्दर जोड़ी
मैं बहुत दिनों का प्यासा हूँ,
मुझे श्याम सुधा पी लेने दो,
सबसे सुंदर है बरसाना बिरज में राधा रानी को।
मुझे मेरे श्याम सहारा दे दो,
मेरी डूबी हुई नैया को किनारा दे दो,
मैया का चेहरा सुहाना लगता है। लंगूर का तो दिल दीवाना लगता है।
अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है
सपने में आ जाना मईया,ये बोल के सोते है
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