हमने अजमा लिया अपना बना लिया,
इक बीज मंत्र से जो चाहा पा लिया,
मैं भोले जगाई आई भोले ना जागे।
उमरिया बिताए देयी,राम नहीं जाना।
आ गया मैं आ गया मैं ओ संवारे तेरे द्वार पे,
मेरे श्याम तुझको नमस्कार है नमस्कार है
शबरी राम को बेर खिला रही,मीठे चाख चख के।
मंदिरों से मां ने टेलीफोन किया है।
चोरी माखन की दे छोड़ कन्हीया मैं समझाऊँ तोय,
हम हाथ उठा कर कहते है
हम हो गए राधा रानी के।
श्याम बड़े चितचोर बोलो राधे राधे।
You must be logged in to post a comment.