सतगुरु ने आन जगाई है सखि,भरम भूल में सौवे थी।
कब से खड़ी हूं थारे द्वार म्हारा खाटू वाला श्याम,
खाटू वाले श्याम तेरा, सच्चा दरबार है,
तेरी जय जयकार बाबा, तेरी जय जयकार है।
राधे राधे बोल
बरसाने मे डोल, के मुख से राधे राधे बोल।
तेरा दाना खा खा कर माँ सारी उम्र गुजारी,
जिसका दीवाना सारा संसार है, मेरी आंखों में वही नंदलाल है।
एक बार लाड़ली जू,
हमें चरणों से लगा लो,
काया माटी में मिल गई,
गईयोड़ा फेर नहीं आया।।
तेरा जादू न चलेगा मेरे भोले
काहे मारे मेरी गलियों के फेरे।
रमते रावल ने म्हारा,
आदेश देणा,
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