राम गुण गायले रे भाई म्हारा,
जब लग सुखी रे शरीर।
ना पकड़ो हाथ मन मोहन, कलाई टूट जाएगी,
देखा अजब नजारा दरबार मैं कन्हैया,
बोल रही कोयल बरस रहा बादल,झूला झुला दे म्हारा सांवरिया
वृंदावन बोले मोर, ओ मोर, गोकुल में शोर भयो भारी।
बंसी बाजेगी राधा नाचेगी,बैरी जग रूठे ते रूठ जाए,
बरसाने की राधा श्री राधा राधा,
राधा राधा श्री राधा राधा,
गुरासा शरण आपरी आया,
शरणों में आया,
बहुत सुख पाया,
सावरा मारे घरा भी आजे रे,
राधा रुकमण लेन सावरा,
बेगो आजे रे,
माखन की लेकर मटकिया, कित जावे पतली डगरिया
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