म्हारा हरि निर्मोही रे सांवरा जाए बसयो परदेस।
राधे मेरी स्वामिनी,में राधे को दास,
अवध सैंया मेरी छोड़ो न बैंया। सिया के सैंया मेरी छोड़ो न बैंया।
रूस गयो नंदलाल मारी राधा रूस गयो नंदलाल
अर्जी सुन ले लखदातार, तेरा गुण गाए संसार
कैलाश के निवासी नमू बार बार हूं , नमू बार बार हूं।
मेरा आपकी कृपा से, सब काम हो रहा है।
खाटू वालो यो मनडे भाय गयो,
दिलडा में ज्योत जगाय गयो,
गुरु सा म्हाने ज्ञान बतायो रे, जग झूठ लखायो रै
तेरी माया अजब निराली, बने श्याम भगत के हाली।
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