म्हारी झुपड़िया आवो मारा राम,
कितनो सोनो कितनो सुंदर सबसे न्यारो लागे
खाटू में मची धमाल फागुन आयो रे,
कभी अपने भक्त के घर घर भी,
सांवरिया दरश दिखा जाना,
आछी पाई ओ गुरूसा,
म्हाने ज्ञान गुटकी,
सांवरिया आपा होली तो खेला रे,
फागणियो आय गयो,
जाना जब भी श्याम दरबार,
शुकर हर बार करना,
ताश मिल खेलो सांवरिया,
जय श्री राधे वल्ल्भ श्याम,
म्हाने कर मनवार पिलायो सा,
सतगुरु सा म्हाने, प्रेम प्यालो पायो जी,
मरना है तो एक बार मरो,
फिर चौरासी में पड़ना क्या,
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