जब श्याम ने पकड़ी कलाई,
फिकर फिर क्या करना,
Author: Pushpanjali
घढ़वा दे म्हारा कानजी सोना री झुमरिया।
व्रत ग्यारस का सबसे महान
करो नित विष्णु जी का ध्यान।
भूखे है तेरे प्यार के, हमें भी दीदार दे ।
ओ मेरे नैनो में बस गए श्याम,
अब डर काहे का,
जब तक नैना से नैना लगे ना, बांके बिहारी तब तक नोनो लगे ना
मारा सांवरिया गोकुल की ,
गुजरिया लड़बा लागी रे ।
पापी के मुख से राम नही निकले,
केसर घुल गयी गारा में,
अरे मेरी कोठी गड़ री चार, मैं क्यों राम रटन लागी
हमें बाग़ ने बगीची दोयर।
बावड़ी सांवरिया रे मारा ,
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