रखा है धनुष रघुवर का उठा लो जिसका दिल चाहे।
कोई पीवे है राम रस प्याला, कोई पीवे हरि रस प्याला।
जाने किस-किस को नाच नचा गई रे, माया की चिरैया।
प्रथम पूज्य है सब देवो में,
जाने दुनिया सारी।
चाल सखी सत्संग में चाला ,
सत्संग मे सतगूरू आसी।
सतगुरु मिलिया पागी ,
अब मारी सुरता भजन मे लागी।
होले होले बांसुरी बजायियो रे कन्हैया,राधा झूलने आई रे,
जब तक मेरी धड़कन
ये रुक न जाये श्याम
तन मन धन सब देना कि श्याम जी को जाने ना देना।
बालाजी बालाजी तेरे पास आया हूँ,
चरणों में तेरे अरदास लाया हूँ।।
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