तेरा सतगुरु भरम मिटाए रे सखी,भरम भूल में सोवे से।
राधा बनी कमल की माल श्याम भँवरा सो बनो।
सँवारे की महफ़िल लगे खाटू में,
ग्यारस पे खाटू में आकर तो देखो,
सारे तीर्थ धाम आपके चरणो में ।
हे गुरुदेव प्रणाम आपके चरणो में ।
पांच बरस की मीरा रे लाड़ली ,सखियों के संग जाए खेलन ,सुन ओ साधो भाई ,
भगत कित पड़ के सो गया रे,
भाई क्यों ना खाटू आया।।
शेरावाली मैया मेरा काम कर दे।
मोहे ले चल रे भरतार,
लेके राधा कृष्ण के मेले में
ऐसी रचना रच गया तू जहां देखूं वहां तू ही तू।
क्यों रो रहा है तू क्यों रो रहा है,
बन के पिता जब बैठा बाबा तू क्यों रो रहा है,
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