मेरो नंद गांव ससुराल,अब डर काहे को।
मुझे अपने ही रंग में रंगले मेरे यार सांवरे,
माता पिता है भगवान, दुनिया दिखाई आपने।
जब कोई ना हो अपना,बस दादी दादी जपना
मेरे मन के छोटे मंदिर में मेरा श्याम सलोना रहता है,
म्हारा खूब सज्या रे दीनानाथ,
म्हारा मन मोह लिया,
सुन मेरे कान्हा,
ज़रा ये बताना,
खफा हमसे तू क्यूँ हो गया,
अरे मैं तो ओढ़ चुनरिया जाऊंगी कुंजन में।
मेरी सुनकर करुण पुकार सावरा आएगा
आसरा एक तेरा एक तेरा सहारा,
सुनले फरियाद मेरी आ मुझे दे किनारा,
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