मेरी भरी मटकिया ले गयो कान्हा बंशी वालो ।
मुख से पर्दा हटा श्याम प्यारे,
तेरी महफ़िल में आए दीवाने,
ऐसा बना दे मुझे श्याम दीवाना।
सालासर वाला हरियो विघन सब दूर।
ओ भोले आ, ओ शंकरा,तेरा घोटा लगाकर,में मगन हो गई
धरती माता नो वालो पेरू घाघरो,
में तो अमर चुनड़ी ओढू,
तेरा पल पल बीता जाए, मुख से जप ले नमः शिवाय
भोले बाबा आए ब्रज में,
वह तो घूमे गलीन गलीन में….
वीर हनुमान में तुमसे कहूं,रामजी से कहना लंका में ना रहूं।
लक्ष्मी के पति जग के स्वामी शेष शैय्या पे लेटे मिलेंगे।
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