मैं दीवानी हु बाबा तेरी,तेरे हाथो में तकदीर मेरी,
बरसाने की गली गली में, बाजत आज बधाई।
सीता ने न्योता भिजवाया,हनुमत को बुलवाया।
मेरी मानो पिया उनकी दे दो सिया, बस इसी में भलाई तुम्हारी पिया
सामने आओगे या आज भी पर्दा होगा,
गोपी बने भोलेनाथ ब्रज में गोपी बने।
हम बरसानें वाले हैं,
सारी दुनिया से अपने, अंदाज निराले है,
जन जन का कल्याण करे
मेरे शम्भू बाबा
रही जिन्दगी तो मिलेगे दौंबारा,
मिलन रात भर का हमारा तुम्हारा,
हे शिव शंभू करुणा सिंधु जग के पालनहार
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