कब तक डगर डगर की जगत में ठोकर खायेगा
हे दयामय आप ही संसार के आधार हो।
शिव शंकर भोले नाथ, तेरा डमरू बाजे पर्वत पे।
मैया मोरे अंगना दरश दिखा,
सखी री कर लो व्रत ग्यारस का हरि का मिलना मुश्किल है।
दिल मतवाला जपूं कैसे माला,
म्हारे घडी रे घडी रो रिछपाल भगता रो प्रतिपाल, खाटू वालो श्यामजी।
मोहे लागि लगन खाटू श्याम की,
चाहे पूछो धरा गगन से चाहे पूछो अग्नि पवन से,
में गोवर्धन कूँ जाऊं मेरे वीर
नाँइ मानै मेरो मनुआं।
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