मात मेरी शेरोवाली,आजा जगराते में।
ग्यारस का दिन आया हरि का नाम लेे लेना,
भजे क्यों ना राम,क्यों सौवे तूं बुढ़िया।
मेरा कोई न सहारा बिन तेरे,
नन्दलाल सांवरिया मेरे।
संकट ने घेरा हैं आज तेरा राम पुकारे रे,
आजा मेरे हनुमान ।
तुम ही मेरी है मोहब्बत तू ही मेरी चाहत है।
नर तन फिर न मिलेगा छोड़ दे गठारिय वन्दे पाप की।
मेरे नैनन रहयो समाए, समाए श्री गोवर्धन गिरधारी
कान्हा ले गई जिया तेरी पहली नजर।
हंस्लो मित्र कोनी थारो ए भोली काया,
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