घुड़लो मोड़ दो सावरियाँ,
थारो भगता री ओर,
Category: श्याम भजन लिरिक्स
ऐसा दरबार कहां,
ऐसी सरकार कहां,
अर्जी सुन ले लखदातार, तेरा गुण गाए संसार
खाटू वालो यो मनडे भाय गयो,
दिलडा में ज्योत जगाय गयो,
कब से खड़ी हूं थारे द्वार म्हारा खाटू वाला श्याम,
खाटू वाले श्याम तेरा, सच्चा दरबार है,
तेरी जय जयकार बाबा, तेरी जय जयकार है।
देखो प्यारे श्याम का ये दरबार है,
हर भगतो का होता बेडा पार है,
तुझसे नज़रे मिली तो,
मैं दीवाना हो गया,
बाबा मेरा काम करोगे बोलो क्या लोगे,
ही नहीं ऐसे खाटू में,
दीनो का मेला लगता है,
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