जिसकी नैया श्याम भरोसें,
डोल भले सकती है,
Category: श्याम भजन लिरिक्स
दिनों का पालन हारा दुखियों का एक सहारा। मेरा श्याम है
नखरो छोड़ दे साँवरिया, थोड़ो सीधो हो जा रे नखरो छोड़ दे।
फागणियो नेड़े आयो सा,
ओ साँवरा,
म्हारे मन में हेत समायो सा,
ओ साँवरा।
सावन बिता कार्तिक बिता और बिता फागुन मास।
मोर छड़ी के झाड़े से बदल गए हालात
दरबार तुम्हारा श्याम, दुनिया से निराला है,
मांग कर देख लो,
मन में जो खास है,
मनै इब बैरा पाट्या,
जिसकी सुन ले सेठ सांवरा,
फिर क्या का घाटा।।
नैया है मझधार श्याम इसे,
पार लगा जाओं
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