म्हारे घडी रे घडी रो रिछपाल भगता रो प्रतिपाल, खाटू वालो श्यामजी।
Category: श्याम भजन लिरिक्स
मोहे लागि लगन खाटू श्याम की,
चाहे पूछो धरा गगन से चाहे पूछो अग्नि पवन से,
इतना सवर मत श्याम नजर तोहे लग जायेगी,
मोर छड़ी और नीले में जंग छिड़ी है भारी,
आ गया खाटू वाला वो आ गया खाटू वाला,
फागुन की रुत ऐसी आई है खाटू में मस्ती छाई है
म्हारे हिवडे उठी हिलोर भायला खाटू नगरी जावण की,
छाई रै खाटू नगर में बहार,
श्याम मिलन की रूत आई,
जब जब खाटू वाले के भगतो पे विपदा आई,
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