दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार,
यहां से गर जो हारा, कहां जाऊंगा सरकार ।
Author: Pushpanjali
हट जा पुजारी आगे से, बालाजी के दर्शन करवा दे।
श्याम तेरी कर्मों की गति न्यारी,
में कैसे रटु मुरारी
गुरु चरणों में लागा मेरा ध्यान बांसुरी की धुन सुनके।
सीता मैया ने करी है जीमनवार, पवन सुत हरे हरे,पवनसुत न्योत दिए।
माँ शेरोवाली आजा मेहरो वाली।
माँ शेरोवाली आजा मेहरो वाली।
गौरी के पुत्र गणेश,गणेश हम तुमको शीश नवाते हैं।
जिंदगी है मौज में, मौज में जी मौज में,
राम का नाम कलयुग में अनमोल है। मुरख नर भूल जाए तो में क्या करूं।
बंशी बजाय गयो श्याम री मोसे नैना मिला के,
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