हमको भी एक बार घुमाई दे कोई अवध नगरिया।
Tag: Aaj Tulsa ji ki nagariya hari dulha bane aa rahe
सिया बनी दूल्हन, दूल्हा रघुराई।
जनक दुलारी की होती बिदाई ।
रोये नगरिया हो
हरी नाम सुमर बन्दे हर दुःख टल जाएगा,
कितनी सुहानी आई घड़ी है,
मेरे सखा की लगन चढ़ी है,
मैया ब्याह मेरो करवाई दे, मरघट माथे से लगवाई दे अपने प्यार की।
नाम हरी का जप ले बन्दे, फिर पीछे पछतायेगा।
तुलसा मने राम ते मिला दे। राम ते मिला दे घनश्याम ते मिला दे
श्याम से मिलकर आयेंगे,चलो खाटू नगरिया
आए बैठे कौशल्या की गोद, राम चंद दूल्हा बने।
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