तू राजा की राजदुलारी,मैं सिर्फ लंगोटे आला सुँ,
बजरंग बालाजी अंजनी लाला जी,
तेरा सिंदूरी तन मन भाये,
जिवडो तरसे नैना बरसे ,हाल हुआ बेहाल।
सांवरे तेरा दर जन्नत की डगर, मुझे खाटू बुलाया तेरा शुक्रिया
हम दीवाने द्वार तुम्हारे,आये बाबा श्याम,
शरण तुम ले लो ना,
दुनिया का बन कर देख लिया, श्यामा का बन कर देख ज़रा
मुझे सांवरे के दर से कुछ ख़ास मिल गया है।
श्याम प्रेमियों के ऊपर,
एक नशा अजब सा छा गया,
तन धर सुखिया कोए ना देखा,जो देखा सो दुखिया जी
एक दिन घोघड आसी रे।
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