भगति रा मारग दूजा रे संतो ,
भगति रा मारग दूजा।
,थाने बनड़ो बणायो रे,थारो होयो गजब श्रृंगार,
नदी किनारे नारियल है रे भाई,
नारियल है रे,
थाने सिमरा मैं बारमबार,
जगदम्बा म्हारी अरज सुनो,
मुरलिया वाले,
कब आओगे म्हारे देश।।
मनमोहन कान्हा विनती करूँ दिन रेन
मन चल रे गुरु के धाम हरी हरी गायेगे
आँगली मरोड़ी मेरा छल्ला तोड़ा री,
यशोदा तेरे लाल ने,
राम भजन रा लावा लेलो,
हरि भजन रा लावा,
जग बितयो जाय लावा।।
महीनो फागण को रंगीलो,
बाबो श्याम बुलावे रे,
महीनो फागण को।।
You must be logged in to post a comment.