बाबा से होगी मुलाकात अबके फागण मे।
सावन की रमझोल आगी,
झूलन की रमझोल,
रमता पधारो म्हारे आंगणे ,
मारा बजरंग बाला।
बेगम देश वेद से न्यारा,
वहां नही काल पसारा।
श्याम तेरे हाथों में हमारी डोर है,
तेरे सिवा जग में ना कोई और है,
मेरे बालाजी सरकार कलयुग में मैंहर तुम्हारी।
म्हारी जगदंबे ने घणा घणा ओलमा सा।
वो हटा रहे है परदा सर-ऐ-आम चुपके चुपके
खाटू वाले मैं तेरा दीवाना,
भैया थोड़ा लाना भात मंहगाई का जमाना।
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