मुझे मिला अनोखा प्यार ब्रिज की गलियों में ।
तुम तो कान्हा छलिया हो दरश कब दिखाओगे।
बुढिया तन्नैं भी होणा हे, हे सुण चमक चुंदड़ी आली।
नौ नौ रूप मैया के तो,
बड़े प्यारे लागे,
ये अटल भरोसा प्यारे,
खाली ना जाएगा,
लाल लंगोटा हाथ में सोटा,
चले पवन की चाल,
मेरा बजरंगबली।।
नान्दीेये पे हो के सवार,
भोलाजी चले दुल्हा बनके,
राम नाम को ओढ़ दुसालो,
राम प्रभु ने ध्यावे जी,
बाजे रे शंख और नगाड़े,
अंजनी के घर ललना पधारे,
ओं मेरे श्याम ओं मेरे श्याम,
तुम्हारे बिन तुम्हारी ये राधा,
ना जी सकेगी यहाँ,
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