मेरे दिल की पतंग में माँ की डोर तू लगाये देना,
Category: रानीसती दादी भजन लीरिक्स
करके इशारो बुलाय गई रे,
बुलाय गयी रे,
बरसाने की छोरी,
दादी दादी बोल दादी सुन लेसी,सुन लेसी मां सुन लेसी।
सज धज के बैठी है माँ,
लागे सेठानी,
मैंने हर पल ही पाया दया का हाथ तेरा
ओ झुँझन वाली माँ,
क्या खेल रचाया है,
जब जब देखु दादी तुमको आता है ये ख्याल क्यों,
मैं शरण तेरी जो आया, चरणों में शीश झुकाया,
जब कोई ना हो अपना,बस दादी दादी जपना
जपूँ नारायणी तेरो नाम,
राणीसती माँ झुँझनवाली,
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