मनवा लाग्या मेरा राम फकीरी मेँ।
Author: Pushpanjali
मन तू सतसंग करले भाई, आधी मे पुनिआध,
आओ तुलसा मैया, बिराजो मेरे घर अंगना।
भर दो झोली मेरी शेरोवाली,
लौट कर मै ना जाउंगी खाली।
बड़ी दूर से चलकर आया हूं,
मेरे बाबा तेरे दर्शन के लिए,
अपना दहिया तू उतार, गोरी ना जा जमुना पार
श्याम चंदा है श्यामा चकोरी,
बड़ी सुन्दर है दोनों की जोड़ी।
दिल में तू श्याम नाम की,
जरा ज्योति जला के देख।
मुरली की तान सुनूंगी,कन्हैया तुम्हे जाने ना दूंगी
वो नैना किस काम के,दीवाने जो ना राम के
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