हाल मेरे दिल का तमाम लिख दे
चिट्ठी जरा कान्हा जी के नाम लिख दे।
माला फुलन कि राम जाने किसके गले पड़ेगी।
नाटै मत घड़ा उठा दे दिखे हो मैंने पल-पल हो रहा भारी।
लाल ध्वजा तेरी लहराई जय हनुमत जय बलदाई।
में तो तेरे संग चलूंगी थाम ले मोरी बैया, हो जरा ठहर जा कन्हैया,
म्हारे मन में बस गई रे सुरतिया श्याम तेरी,
कलयुग का देव निराला,
मेरा श्याम है खाटू वाला,
सुबह शाम आए शालिग्राम रे जिनके अंगना में तुलसी।
मटकी फोड़ी कन्हैया ने, दाऊ बलदाऊ के भैया ने।
मैया कर ले विश्राम जाई बन में।
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