मुखड़ा लगे बड़ो प्यारो कि राधा रानी घुंघटा न डालो।
आ जाओ कृष्ण कन्हैया ओ राधा जी के सईया, बुलाऊं तुम्हें घर अंगना।
दिल की है तमन्ना श्याम,में हर ग्यारस खाटू आऊं।
करुणा की दृष्टि निहारो,राधे बरसाने वाली।
मैंने मानुस जनम तुमको हीरा दिया
तूने यूँ ही गवांया तो मैं क्या करूं।
जितना राधा रोई रोई कान्हा के लिए,
में तेरी हूं तू मेरा है, गिला किस बात का यह बता।
ओ मईया, बैठी है भंडारे खोल के,
भर लो झोलियां, जयकारे बोल के,
नवरात्रि आयी आओ,
चलो हम नाचे गाये,
मेरे अंगना में आना मैया झूम झूम के,
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