जब तक हो दादी जीवन मेरा,
छूटे कभी ना ये आंगन तेरा।
फूलों में बैठे गिरधारी, चले आना खोल किवाड़ी।
बाबा तेरा खाटू बड़ा प्यारा देखा है नज़ारा, आके यहाँ रे,
तेरो ही सहारो लियो, बाबा तू यह जान ले।
ले के पूजा की थाली, ज्योत मन की जगाली,
तेरी आरती उतारूँ भोली माँ।
ध्यान तेरा किया, शीश चरणों दिया, सच्ची माता।
ओ तेरा बालाजी सरकार बाजे डंका मेहंदीपुर में
मेरी लाड़ली के जैसा कोई दूसरा नहीं है,
जहाँ बरसे कृपा हर पल बरसाना वो यही है।।
हरि मैं तो लाख यतन कर हारी।
सुख के सब साथी दुःख में न कोई
मेरे राम, मेरे राम
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