दे दो अपनी नौकरी मैया जी एक बार,
मात पिता की सेवा जैसा,
बन्दे और जगत में,
कोई काम नहीं है,
चारों धाम है मात पिता रे चरणों में है भाया रे।
तेरी शरण में आया हु श्याम,
सुन कर जहां में मैं तेरा नाम,
मैं शरण तेरी जो आया, चरणों में शीश झुकाया,
सीताजी बोली रामजी कमाल हो गया,
बजरंगी लाल मेरा लाल लाल हो गया।।
जरा चल के अयोध्या जी में देखो,
राम सरयू नहाते मिलेंगे।।
जरा चल के वृन्दावन देखो ,
श्याम बंसी बजाते मिलेंगे ।
ओ रे म्हारो राम बसे रूनीचा में
खेले श्याम खाटू में,
खाटू में श्याम विराज रहे,
और सालासर में बजरंगी,
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