श्याम की आखियो से मस्ती बरसे,
पी ले जरा तू जी ले जरा,
ओ जी ओ माजीसा,
जसोल नगरी बिराजो,
ऐसा रंग राधा रानी चढ़ाया के होर रंग नहियो चढ़दा।
तेरे रस्ते के मुसाफिर है प्रभु,
थाम लो दामन हमारा हे प्रभु,
कुछ तो है सरकार तेरी सरकारी में,
तू नटवर तू श्याम है, मनमोहन घनश्याम है।
मै आया हूँ तेरे द्वारे,गणराज गजानन प्यारे
मुझे मेरे सांवरे औकात में रखना।
ग़रीबों के दाता हो अगर तुम मुरारी,
मेरी पार नैयाँ, लगानी पड़ेगी,
ये कुञ्ज गली सँकरी सँकरी,
छुप गया कान्हाँ पकड़ी पकड़ी,
You must be logged in to post a comment.