तेरी इस अदा ने मारा,
तेरी उस अदा ने मारा,
चोला माटी के हे राम,
एकर का भरोसा,
जल जाए जिव्हा पापनी,
राम के बिना,
ना घोटूँ ना घोटूँ भोले नाथ भाँग तेरी ना घोटूँ।
ये भांग ना घोटी जाए रे भोले क़मर टूट गईं हाए रे,
गोपाल मुरलिया वाले,
नंदलाल मुरलिया वाले,
कौशल्या, दशरथ के नंदन,
राम ललाट पे शोभित चन्दन
हरि नाम के रस को पी पीकर,
आनंद में जीना सीख लिया,
ये तेरी रस भरी मुरली , मेरे मन को तड़पाती है।
दो दो ना धरियो गगरिया राधे रानी, लग जेह तुमको नजरिया।
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