जो करते रहोगे भजन धीरे धीरे,
तो मिल जायेगा वो सजन धीरे धीरे।।
जयकारा जयकारा मैया का बोलो जयकारा।
क्यू खड़ी खड़ी तू हालै रे गौरा
चाल कसुती चालै।
कोई पीवे संत सुजान,
नाम रस मीठा रे।।
मेरी बीच भँवर में है,
मेरी नैया कन्हैया पार करो,
थासूं विनती करा हाँ बारम्बार,
सुणो जी सरकार,
खाटू का राजा मैहर करो,
अर्पण किया है श्याम को जो भी तुझको वापिस बाँट दिया।
मजधार फँसी नैया इसे पार लगा जाओ।
छोटो छोटो सो कृष्ण कन्हैया
प्यारो प्यारो सो बंशी बजाइया
जरा हलके गाड़ी हांको मेरे राम गाड़ी वाले।
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