झुलनी पे सेठ सांवरो झुलवा ने जावे सा,
Category: श्याम भजन लिरिक्स
बज गए ढोल नगाड़े,होय क्या बात हो गई।
जद भी पड़ी कोई दरकार,लीले चढ़ आयो सरकार,
सांवरे तेरा दर जन्नत की डगर, मुझे खाटू बुलाया तेरा शुक्रिया
हम दीवाने द्वार तुम्हारे,आये बाबा श्याम,
शरण तुम ले लो ना,
मुझे सांवरे के दर से कुछ ख़ास मिल गया है।
श्याम प्रेमियों के ऊपर,
एक नशा अजब सा छा गया,
बाबा श्याम धणी दातार रे,
तेरी अलबेली सरकार रे,
संकट हरलो बाहों में भरलो,आओ दीनानाथ,बता क्या देरी है।
हारे के साथी कहांते हो श्याम। मेरी लाज क्यों ना बचाते हो श्याम
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