छू के मां के चरण श्याम बोले, मैया मेरी भी शादी करा दे
Author: Pushpanjali
मेरी श्याम से हुई है यारी,
खुल गया किस्मत का ताला
भक्ति रो दान म्हाने देवजो,
गुरु देवो रा देवा रे,
तू प्यार का सागर है,
तेरी इक बूँद के प्यासे हम,
लो आ गया अब तो श्याम,
मैं शरण तेरी,
बीता जाए सांवरे हर महीना हर साल,
मैं हार के दर तेरे आया हूँ,
मेरा दूजा कोई सहारा नहीं,
सुन री यशोदा मैया, तेरे नंदलाल ने
कंकरिया से मटकी फोड़ी,
तुम हो गुलाब का फूल सतगुरु मेरे।
देख तेरे मंदिर पुजारी आ गए।चलते चलते हरि की पौड़ी आ गए।
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