ये रंग मोहे राम नाम का प्यारा रे।
किण विधि राखेला राम ।
काँहि मैं जाणू ,
जग घूमेया श्याम जैसा ना कोई,
ये राधा ये लिली पीली साड़ी पेहेर,रास में तूं ही तूं दिखे
ओ म्हारा पियाजी रा प्राण बचाए, हिरणी हरी ने अरज करे
हंसा नजर नहीं आया प्रेम गुरू,
अंत नजर नहीं आया,
गुरु जी बिना कोई काम न आवे,
कुल अभिमान मिटावे है।
जुलम कर डारो सितम कर डारो,
काले ने कर दियो लाल,
मत कर भोळी आत्मा ,
नुगरों रो संग रे ।
नुगरों री संगत में ,
ओ मिनख जमायो खोयो रे ॥
पियाजी री वाणी मत बोल,
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