झूला डाला कदम्ब की डाली रे,
देवे जोटा श्याम झूले राधा प्यारी रे,
श्याम झूले, हनुमत झूले, झूलें शंकर त्रिपुरारी,
शिव रूद्राष्टकम :
मीरा का तो बजे इकतारा,
मुरली बजावे, नंदलाल,
कैसे बैठा रे आलस में मुख्य से राम कह्यो न जाये,
यह कंचन का हिरण, नाथ हमें लगता प्यारा है,
राधे रानी राधे रानी बोलो ना,
राज है क्या ये खोलो ना,
जहाँ आसमां झुके जमीं पर,
सर झुकता संसार का,
झूलो झूलो री भवानी पालना,
करके चले श्याम सोलह सिंगार। अरे नंदलाला नारी में बदल गए
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