राम बेचने आया मैं श्याम बेचने आया,दो रोटी की खातिर मैं भगवान बेचने आया, इस मिटटी से आश्मान में, तू इंसान बनाता है,पेट की खातिर मिटटी का, मानव भगवान बनाता है,🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺हनुमत दुर्गा शंकर काली, नाम बेचने आया,दो रोटी की खातिर मैं, भगवान बेचने आया, तुझे खरीदने ये मानव, मोल भाव भी करते हैं।कुछ पैसो की […]
सतगुरु बिना घोर अँधेरा रे संतो,
मेरे दिल में बसा नंदलाला तूं, हर हर गिरधर गोपाला तूं
मैंने छान छान पिया पानी, सतगुरु तेरी अजब कहानी।
चलो चलो ये सखी गजानन ने मनावां,किशन कुंवारा रह जागा।
बड़ा खूबसूरत हमारा किशन है।
कलयुग बन ठन के आ गे, धर्म धरती में समा गे।
सखियों करो सोलह श्रृंगार,हरी हमें लेने आए है।
श्याम माखन चुराते चुराते, अब तो दिल भी चुराने लगें हैं।
मैया तेरा कृष्ण कन्हैया,छेड़े गोपियां, फोड़े है रोज मटकीया
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