मेरे इस टूटे दिल को आधार चाहिए,
शेरोवाली है देखो सिंह पे चढ़ी,
चल के दर्शन पाइये कह के जय माता दी,
माटी में मिले माटी पानी में पानी,
अरे अभिमानी अरे अभिमानी।।
मैंने रटना लगाई रे,
राधा तेरे नाम की,
चली आइयो सखियां सारी, वंशीवट पे।
तूने कैसा बनाया इंसान रे, मुझे ये तो बता दो भगवान रे।
ऐसी करी गुरुदेव दया,
मेरा मोह का बन्धन तोड़ दिया।।
हा रे सतगुरु आवोला,
अमृत रा प्याला कद भर पावोला,
सुनलो अरज हमारी,
मैं हूँ शरण तुम्हारी,
कद आवोला सांवरिया म्हारे देश,
जोवा थारी बाट घणी
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