कान्हा रे बागा में झूला घाल्या
Author: Pushpanjali
बनवारी रे जीने का सहारा तेरा नाम रे।
मेरो राधा रमण गिरधारी,गिरधारी श्याम बनवारी
घर में पधारो गजानन जी,म्हारे घर में पधारो
श्री राधा हमारी गोरी गोरी,है नवल किशोरी, कन्हैया तेरो कारो है
चौदस के दिन इन आंखों से, उड़ गई निंदिया रानी।
सांवरा जब मेरे साथ है,मुझको डरने की क्या बात है।
shyam chaurasi, श्याम चौरासी
दोय दोय गुजारियां के बीच में, अकेलो कानुडो।
म्हापे जद भी कोई मुसीबत आवन लागे
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