नाचे नंदलाल नचावे हरी की मैया।
Author: Pushpanjali
नख पर गिरवर लिन्हो धार, कन्हइयों मेरो वारो।
कभी रूठना ना मुझसे तूं श्याम सांवरे।
मान मेरा कहना नहीं तो पछताएगा
आज गोकुल नगर आया गिरिजा का वर,डाले झोला।
सुन सुन रे सतगुरु री बातां,जनम सफल होय जासी रे।
बड़े दिन हुवे बिछड़े सखा से,ऐ द्वारपालो मिलने दो।
यहां देवता महान कहते हैं,वहां राधे का गुलाम कहते हैं।
ओढ़ो ओढ़ो म्हारी माता रानी आज,भगत थारी चुनर ल्याया ये।
गणपति लाल को खिलाय रही पार्वती।
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