ग्यारस फागण की खाटू रे मांहि रंग बरसावे रे, ग्यारस फागण की।
हाथों में ले श्याम ध्वजा, मन में ले विश्वास,
देकर सहारो म्हाने, श्याम उबारो,
थारे बिन साँवरिया, कुण हमारो।
आठे रहना नाहीं देस बिराना है। वीराना है एक दिन जाना है
मनड़ो नाचै रे साथीड़ा, यो तो धूम मचावै रे, मनड़ो नाचै रे।
हेलो आयो रे साथीड़ा, बाबो श्याम बुलायो रे,हेलो आयो रे।
म्हे तो होली खेलन आवंगा थारे संग, म्हारा साँवरिया।
पैदल आस्यां ओ साँवरिया थारी खाटू नगरी, पैदल आस्यां जी।
मन में उठन लागी हूक,
सांवरिये के नाम की,
गोरा जी के पिया का जग में बड़ा नाम है।
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