बहती है अँखियों से धार,
आ जाओ सांवरे,
किस्मत संवर गयी है,
तेरी शरण में आकर,
मोर मुकुट मुरली की कसम हम तुमसे मोहब्बत करते हैं
इन गुजरी रे चुनडी में रंग करग्यो,
देखो रे ओ कानुडो कमाल करग्यो,
आतो सुरगां न सरमावे , इ पर देव रमण न आवे
गुजरिया ये नंदलालो तो झाला देवे ये
हार गया हूँ बाबा,
अब तो आके थाम रे,
श्याम तेरी लगन जो लगी,
तो अगन भी लगे बर्फ सी,
सोचा नहीं जो ख्वाब में,
उतना हमें मिला,
हम तुम्हारे कभी ना बन पाए,
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