श्यामा प्यारी कृपा कीजिये,
चरणों से लगा लीजिये,
इबके भादो बुलाले मावड़ी,,
चरणां में अपने बिठाले मावड़ी,,
ऐ जी घनश्याम ,थारी मुरली कामनगारी म्हारा राज
आज तो राधे रानी ने श्याम लेबा आया जी
जीवन है तेरा कोरा कागज मन है कलम सियाही
खिड़की मत खोलो अटारी की, चोरी हो गई बांके बिहारी की।
देना हो तो झुंझनवाली दे इतना वरदान,
हमरो प्रणाम बांके बिहारी को,
सतरंगी चुनरियाँ गजबण,
लहरियो, लहरावे,
तेरे रहते दुःख ना पाऊं,कितना शूकर मनाऊं,
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