कन्हैया तेरी बांसुरियां सारे जग में धूम मचाई,
या विध गोविन्द भोग लगायो
भगत बछल हरि नाम कहायो।
चारभुजा रा नाथ थारी,
सेवा करा दिन रात,
शब्द संभाल के बोलिये, शब्द के हाँथ न पाँव रे।
समय को काट लो भैया किसी बहाने से।
सदा अपनी रसना को रसमय बना दे,
श्री राधे श्री राधे श्री राधे जपा ले।
बाँध के घुंगरू नाचे हनुमत बाला जी
वाह वाह रे दुनियां मतलब की, दुनियां में किसी का कोई नहीं
चुनर ओढ़ लेई ओढ़ लेई रे,नटवर नागरिया
म्हारों सावरियों बनवारी, बण पचरंग पैचाधारी,
भगतां रै कारण, अजमल घर अवतार लियो,
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