आओ बालाजी आओ बालाजी,
दर्शन को प्यासे हैं नैना
ये तन क्या हैं इक पिंजरा है,
इस पिंजरे में एक तोता है।।
सांवली सुरतिया है,
मुख पे उजाला।।
सिर पे मोर मुकुट है साजे,
और घुंघराले बाल,
श्याम बाबा कीं क्या बात है,
देता हारे का ये साथ है।।
क्या खूब है आज सजाया,
मिलकर दरबार लगाया,
चलो-२ सखी अब जाना,पिया भेज दिया परवाना।
शेरावाली जय हो तेरी,
जोतावाली जय हो तेरी,
हमको ये तो बता दो ओ मैया,
तेरा जलवा कहा पे नही है।
उलझ मत दिल बहारो में, बहारो का भरोसा क्या।
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