कान्हा प्यारा उठो नी, आंख्या माथे आयो तावडियो।
सीता परणीजे,श्री रामजी चंवरयां में डोले रे
तुम करुणा के सागर हो प्रभु
मेरी गागर भर दो थके पाँव है
मेरे आँगन में खेलो फाग , गजानंद आओजी
अरे ओरे छोरा नंद जी का
फागुन में फाग खिला जा रे ।
अरे रे मन कर दिया तूने चाला,
बगल में छुरी हाथ में माला।
कभी तेरी चौखट ना छोड़ेंगे हम
हारे का सहारा है,
हमें प्राणों से प्यारा है,
याद में तेरे जिन्दगी बिताऊ, दिन कटते है कलेश में
हारा हू बाबा पर तुझपे भरोसा है,
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